केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी है। 8वें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशें तैयार करने की प्रक्रिया को गति दे दी है। आयोग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सीधे कर्मचारियों और पेंशनर्स से उनकी राय, मांगें और चिंताएं मांगी हैं।
31 मई है ‘डेडलाइन’
अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, रक्षा बलों में हैं या पेंशनर हैं, तो आपके पास अपनी बात रखने के लिए 31 मई 2026 तक का समय है। इसके लिए आपको 8वें वेतन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।
इन 9 सवालों के देने होंगे जवाब
आयोग ने पोर्टल पर 9 प्रमुख सवाल रखे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सवाल भत्तों (Allowances) से जुड़ा है। आप निम्नलिखित विषयों पर अपने विचार 10,000 कैरेक्टर में लिखकर भेज सकते हैं:
- महंगाई भत्ता (DA): महंगाई के अनुपात में भत्ते की गणना।
- आवास भत्ता (HRA): शहरों की श्रेणी के आधार पर घर किराया भत्ता।
- अन्य भत्ते: रिस्क अलाउंस, यात्रा भत्ता (TA), वर्दी भत्ता, और एक्स्ट्रा ड्यूटी अलाउंस।
- योग्यता और प्रशिक्षण: क्षमता निर्माण या नॉलेज अपग्रेडेशन से संबंधित प्रोत्साहन।
कौन-कौन दे सकता है सुझाव?
आयोग ने पोर्टल पर चार अलग-अलग कैटेगरी बनाई हैं:
- केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स।
- कर्मचारी यूनियनें और संगठन।
- रक्षा बलों के जवान और अधिकारी।
- मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी।
कैसे जमा करें अपनी मांग?
- 8वें वेतन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- ‘8CPC Memorandum Submission’ लिंक पर क्लिक करें।
- अपनी कैटेगरी चुनें और मांगे गए विवरण भरें।
- अपने सुझाव लिखकर सबमिट करें।
