नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय कर्मचारियों के हितों के लिए काम करने वाला संगठन ‘ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन’ (AIDEF) अब एक्शन मोड में है। संगठन ने वेतन आयोग के समक्ष अपनी मांगों की सूची पेश की है, जिसमें सबसे प्रमुख मांग ₹15,000 का रिस्क अलाउंस (Risk Allowance) है।
रिस्क अलाउंस की मांग क्यों?
AIDEF का कहना है कि रक्षा क्षेत्र के कई सिविल कर्मचारी (जैसे तकनीशियन, स्टेनोग्राफर और अकाउंटेंट) गोला-बारूद फैक्ट्रियों, केमिकल यूनिट्स और अधिक तापमान वाली भट्टियों जैसी खतरनाक जगहों पर काम करते हैं। इन कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन पर हमेशा जोखिम बना रहता है। संगठन ने मांग की है कि:
- अत्यधिक खतरनाक काम: औद्योगिक इकाइयों में लगे कर्मचारियों को हर महीने ₹15,000 का जोखिम भत्ता मिले।
- लगातार जोखिम वाला काम: अन्य जोखिम भरे कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए ₹10,000 प्रति माह की डिमांड की गई है।
वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी मांगें
रक्षा कर्मचारियों के संगठन ने वेतन वृद्धि को लेकर भी स्पष्ट प्रस्ताव रखे हैं:
- न्यूनतम बेसिक पे ₹69,000: वर्तमान में लेवल 1 के कर्मचारियों का मूल वेतन ₹18,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹69,000 करने का सुझाव दिया गया है।
- फिटमेंट फैक्टर: संगठन ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग दोहराई है।
- DRDO कर्मचारियों के लिए प्रस्ताव: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के तकनीकी और प्रशासनिक कैडरों के पुनर्गठन और वेतन समानता की मांग भी की गई है।
