केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है! 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की पहली महत्वपूर्ण बैठक 24 अप्रैल 2026 को देहरादून में होने जा रही है। इस बैठक से पहले नेशनल काउंसिल (JCM) ने 51 पन्नों का एक विस्तृत मेमोरेंडम जारी किया है, जिसमें सैलरी बढ़ाने के लिए एक क्रांतिकारी ‘5 यूनिट फॉर्मूला’ पेश किया गया है।
8th Pay Commission 2026
1. अब 3 नहीं, 5 सदस्यों का होगा ‘फैमिली यूनिट’
दशकों से वेतन आयोग यह मानकर चलता था कि एक कर्मचारी के परिवार में 3 यूनिट (सदस्य) होते हैं। लेकिन इस बार जेसीएम (NC-JCM) ने इसे बढ़ाकर 5 यूनिट करने की मांग की है।
तर्क: आज के समय में कर्मचारी पर पत्नी और बच्चों के साथ-साथ वृद्ध माता-पिता की जिम्मेदारी भी होती है।
- नया गणित: कर्मचारी (1) + जीवनसाथी (1) + दो बच्चे (1.6) + माता-पिता (1.6) = कुल 5 यूनिट (राउंड फिगर)।
2. ₹69,000 न्यूनतम वेतन: पूरा कैलकुलेशन
JCM के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने ‘साइंटिफिक लिविंग वेज फॉर्मूला’ के आधार पर न्यूनतम वेतन का आंकड़ा समझाया है:
- डाइट और कैलोरी: पहले 2700 कैलोरी के आधार पर खर्च जुड़ता था, जिसे बढ़ाकर अब 3490 कैलोरी करने का प्रस्ताव है। इसमें फल, दूध और प्रोटीन की बढ़ी कीमतों को शामिल किया गया है।
- डिजिटल और सामाजिक जरूरतें: अब रोटी-कपड़ा-मकान के अलावा बच्चों की उच्च शिक्षा, बेहतर इलाज और इंटरनेट/मोबाइल जैसे डिजिटल खर्चों को भी अनिवार्य माना गया है।
- फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor): 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जिसे 8वें वेतन आयोग में 3.83 करने की मांग है।
परिणाम: यदि सरकार इस 5 यूनिट वाले फॉर्मूले और 3.83 फिटमेंट फैक्टर को स्वीकार करती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से सीधे ₹69,000 हो जाएगी।
3. JCM की अन्य प्रमुख मांगें
सैलरी के अलावा मेमोरेंडम में कई और बड़े बदलावों का सुझाव दिया गया है:
- सालाना इंक्रीमेंट: वेतन बढ़ोतरी (Annual Increment) को 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए।
- पे-गैप (Pay Gap): सबसे निचले कर्मचारी और सबसे ऊंचे अधिकारी की सैलरी में अंतर 1:12 से अधिक न हो।
- पेंशनर्स को लाभ: यह नया फॉर्मूला 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनभोगियों पर भी लागू हो।
- पुरानी पेंशन (OPS): ओपीएस बहाली और रिटायरमेंट की उम्र जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की गई है।
4. आगे की राह: आप भी दे सकते हैं सुझाव
सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए MyGov प्लेटफॉर्म और आधिकारिक पोर्टल पर सुझाव मांगे हैं। केंद्रीय कर्मचारी 30 अप्रैल 2026 तक अपनी राय दर्ज करा सकते हैं।
निष्कर्ष: संगठनों का मानना है कि इस फॉर्मूले से न केवल कर्मचारियों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि उनकी खर्च करने की क्षमता बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। अब सबकी नजरें 24 अप्रैल की बैठक पर टिकी हैं।
