8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार और पे कमीशन के सामने अपनी मांगों का पिटारा खोल दिया है। इस बार की मांगों में सबसे अहम मुद्दा महंगाई भत्ते (DA) के मूल वेतन (Basic Pay) में विलय को लेकर है।
1. 25% DA पर मूल वेतन में विलय की मांग
कर्मचारी संगठनों ने एक ऐतिहासिक मांग रखी है कि जब भी महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) 25 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर जाए, उसे तुरंत मूल वेतन (Basic Pay) में शामिल कर दिया जाना चाहिए।
केंद्रीय कर्मचारियों के DA में 2% की बढ़ोतरी, कैबिनेट ने दी कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी
- तर्क: इससे कर्मचारियों की पेंशन और अन्य भत्तों की गणना में बड़ा उछाल आएगा।
- वर्तमान स्थिति: फिलहाल डीए कैलकुलेशन के पुराने तरीकों को बदलने की भी पुरजोर मांग की जा रही है।
2. HRA और भत्तों में 3 गुना इजाफे की तैयारी?
सिर्फ बेसिक पे ही नहीं, बल्कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर भी बड़ी अपडेट है। संगठनों ने मांग की है कि:
- HRA बढ़ोतरी: घर के किराए के भत्ते को 40% तक बढ़ाया जाए।
- अन्य भत्ते: अन्य भत्तों में भी 3 गुना तक की वृद्धि की मांग की गई है ताकि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।
DA अपडेट: महंगाई भत्ता बढ़कर हुआ 60%
हाल ही में सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस बढ़ोतरी के बाद अब कुल डीए 60% पर पहुंच गया है।
- एरियर (Arrear): कर्मचारियों को पिछले 3 महीनों का एरियर भी दिया जाएगा।
- खास बात: यह पहली बार देखा गया है जब सरकार ने अप्रैल महीने के मध्य में डीए का आधिकारिक ऐलान किया है।
