केंद्र सरकार ने राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार और स्थानीय भाषा के सम्मान के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। 1 मई 2026 से सभी ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए कुछ शर्तें अनिवार्य कर दी गई हैं।
1. नए नियम का मुख्य उद्देश्य
- भाषा का ज्ञान: अब प्रत्येक लाइसेंसधारी ड्राइवर को बुनियादी पढ़ना, लिखना और बोलना आना अनिवार्य है।
- लाइसेंस रद्द होने का खतरा: जो ड्राइवर इस शर्त को पूरा नहीं करेंगे, उनका कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस या परमिट रद्द किया जा सकता है।
- व्याप्ति: यह नियम मुंबई, पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर सहित पूरे महाराष्ट्र के नए और पुराने सभी लाइसेंसधारकों पर लागू होगा।
2. नियम लागू करने का कारण
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक के अनुसार, यात्रियों और ड्राइवरों के बीच संवाद की समस्या को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों को कई शिकायतें मिल रही थीं कि कई ड्राइवर यात्रियों के साथ स्थानीय भाषा में बातचीत नहीं कर पाते, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है।
3. सत्यापन अभियान (Verification Drive)
- मोटर वाहन विभाग (RTO) के 59 कार्यालयों के माध्यम से राज्यव्यापी जांच अभियान चलाया जाएगा।
- जो अधिकारी गलत तरीके से लाइसेंस जारी करते पाए जाएंगे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
