केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है। कर्मचारियों के बीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा का विषय ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) बना हुआ है। विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठनों की ओर से इस बार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 4 करने की पुरजोर मांग की जा रही है।
अगर सरकार इस मांग को हरी झंडी दिखा देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (Minimum Basic Pay) में अब तक की सबसे ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और इसका फॉर्मूला?
सरल शब्दों में कहें तो फिटमेंट फैक्टर वह पैमाना है जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन में संशोधन (Revision) किया जाता है। इसी गुणांक से कर्मचारियों का नया सैलरी स्ट्रक्चर तय होता है।
सैलरी कैलकुलेशन का फॉर्मूला:
मौजूदा बेसिक पे×फिटमेंट फैक्टर=नया बेसिक पे
यानी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी को जिस फिटमेंट फैक्टर के साथ गुणा किया जाएगा, वही परिणाम 8वें वेतन आयोग के तहत उनकी नई बेसिक सैलरी होगी।
वेतन आयोगों का इतिहास: कब कितना था फिटमेंट फैक्टर?
- 6ठा वेतन आयोग: लगभग दो दशक पहले लागू हुए छठे वेतन आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर 1.86 तय किया गया था।
- 7वां वेतन आयोग: साल 2016 में जब सातवां वेतन आयोग आया, तब सरकार ने फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.57 कर दिया था, जिसके आधार पर वर्तमान में सैलरी मिल रही है।
चूंकि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में हर 10 साल के बाद संशोधन की परंपरा रही है, इसलिए कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि महंगाई के इस दौर में 8वें वेतन आयोग के तहत इसमें बड़ी बढ़ोतरी होनी चाहिए।
विशेषज्ञों (Experts) का क्या है अनुमान?
आर्थिक विश्लेषकों और विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक दशक में बढ़ी महंगाई को देखते हुए सैलरी रिवीजन ऐसा होना चाहिए जिससे करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा और बड़ा फायदा मिले।
- ‘बैंकबाजार’ के सीईओ अधिल शेट्टी के अनुसार, ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार इस बार फिटमेंट फैक्टर को 2.28 से 2.86 के बीच रख सकती है।
- अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक पे वर्तमान के ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक हो सकती है।
कर्मचारी संगठनों की मांग: किस आधार पर कितनी बढ़ेगी सैलरी?
कर्मचारियों से जुड़े अलग-अलग संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। आइए नजर डालते हैं कि किस संगठन की मांग के अनुसार न्यूनतम बेसिक पे कितनी हो जाएगी:
| कर्मचारी संगठन का नाम | मांगी गई फिटमेंट फैक्टर | प्रस्तावित न्यूनतम बेसिक सैलरी |
|---|---|---|
| BPMS (भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ) | 4.00 | ~ ₹72,000 |
| NCJCM (स्टाफ साइड) और AIDEF | 3.822 | ~ ₹69,000 |
| महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन | 3.80 | ~ ₹65,000 से ₹68,400 |
| FNPO (फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स) | 3.00 से 3.25 | ~ ₹54,000 से ₹58,500 |
| AITUC (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस) | न्यूनतम 3.00 |
आगे की राह: 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2016 में लागू हुई थीं, जिसके हिसाब से साल 2026 में नए वेतन आयोग का गठन और इसकी घोषणा बेहद संभावित है। इसके लागू होने से न केवल वर्तमान कर्मचारियों बल्कि लाखों पेंशनभोगियों की मासिक आय में भी जबरदस्त उछाल आएगा।
