बेसिक सैलरी और पेंशन में होगी भारी बढ़ोतरी; आज बड़ी मीटिंग! फैसला देखें

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। 7वें वेतन आयोग की समय सीमा समाप्त होने के बाद, अब 8वें वेतन आयोग के लागू होने और इसके तहत सैलरी व पेंशन में होने वाली संभावित बढ़ोतरी पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। इस संदर्भ में नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।

आइए जानते हैं 8वें वेतन आयोग से जुड़े मुख्य बिंदु, संभावित सैलरी का गणित और कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:

1. 13 अप्रैल की महत्वपूर्ण बैठक

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक करने जा रही है।

  • मुख्य उद्देश्य: कर्मचारी संगठनों की मांगों वाले ‘साझा मेमोरेंडम’ (Joint Memorandum) को अंतिम रूप देना।
  • प्रमुख विषय: वेतन वृद्धि, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर चर्चा कर इस मेमोरेंडम को 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा।

2. सैलरी का संभावित गणित (Fitment Factor)

8वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम सैलरी और वेतन संरचना का निर्धारण ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) के आधार पर किया जाएगा। कर्मचारी संगठनों ने 3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।

संभावित फिटमेंट फैक्टरवर्तमान न्यूनतम सैलरी (Level-1)नई संभावित न्यूनतम सैलरी
यदि 2.50 हुआ₹18,000₹45,000
यदि 3.25 हुआ₹18,000₹58,500 (अनुमानित)

नोट: अंतिम आंकड़े वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगे।

3. 8वें वेतन आयोग की समयसीमा (Timeline)

  • नवंबर 2025: वेतन आयोग का आधिकारिक गठन।
  • 5 मार्च 2026: मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया शुरू।
  • 31 मार्च 2026: प्रश्नावली (Questionnaire) जमा करने की अंतिम तिथि।
  • मई 2027 (अनुमानित): आयोग द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना।

4. कर्मचारियों की मुख्य मांगें

सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी के अलावा कर्मचारी संगठन निम्नलिखित मांगों पर भी जोर दे रहे हैं:

  • पुरानी पेंशन योजना (OPS): ओपीएस को पुनः लागू करने की मांग।
  • NPS/UPS की समीक्षा: वर्तमान पेंशन योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन।
  • छुट्टियों में वृद्धि: छुट्टियों की संख्या बढ़ाना तथा महिला कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं।
  • पेंशनभोगियों के अधिकार: पेंशनभोगियों के भत्तों और अधिकारों का संरक्षण।

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