आम जनता और वाहन चालकों के लिए आज शुक्रवार का दिन राहतभरा संदेश लेकर आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों (HPCL, BPCL और IOCL) ने आज के लिए पेट्रोल और डीजल के नए रेट अपडेट कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि आज घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
क्रूड ऑयल 18% तक टूटा, क्या है वजह?
वैश्विक स्तर पर एक बड़ी राहत की खबर आई है। अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए सीजफायर (युद्धबंदी) को आगे बढ़ाने पर अस्थायी सहमति बन गई है। इस कूटनीतिक सुधार के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई:
- ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): गिरकर 93 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है।
- वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI): 88 डॉलर प्रति बैरल के पास कारोबार कर रहा है।
- इस बड़ी गिरावट के चलते अकेले इसी महीने कच्चे तेल की कीमतें करीब 18 प्रतिशत तक टूट चुकी हैं।
देश के प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के रेट (प्रति लीटर)
| शहर | पेट्रोल की कीमत (₹) | डीजल की कीमत (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| कोलकाता | ₹113.51 | ₹99.82 |
| चेन्नई | ₹107.77 | ₹99.55 |
| लखनऊ | ₹102.05 | ₹99.28 |
| जयपुर | ₹112.66 | ₹97.78 |
| पटना | ₹112.70 | ₹99.87 |
| भोपाल | ₹114.65 | ₹99.74 |
| चंडीगढ़ | ₹101.53 | ₹89.63 |
| देहरादून | ₹100.20 | ₹97.10 |
| रायपुर | ₹107.96 |
मई के महीने में चार बार झटक चुकी है महागायी
भले ही आज शुक्रवार को कीमतें स्थिर रखकर राहत दी गई हो, लेकिन पिछले दो हफ्तों का रिकॉर्ड काफी आक्रामक रहा है। चुनाव संपन्न होने के बाद तेल कंपनियों ने कीमतों में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी की थी, जिससे पिछले 15 दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब ₹7.50 तक महंगे हो गए:
- 15 मई: प्रति लीटर ₹3 की सबसे बड़ी छलांग लगाई गई थी।
- 19 मई: ईंधन की कीमतों में करीब 90 पैसे की बढ़ोतरी हुई।
- 23 मई: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ।
- 25 मई: पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 की रफ्तार से फिर बढ़ गया।
कई राज्यों में डीजल ₹100 के पार: इस अंधाधुंध दरवाढ़ी के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में पेट्रोल ₹110 प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है। वहीं आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में डीजल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जिससे माल ढुलाई और आम बजट पर दबाव बढ़ गया है।
क्या आने वाले दिनों में सस्ते होंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का यह दौर आगे भी जारी रहता है और अंतरराष्ट्रीय स्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले समय (जून महीने) में तेल कंपनियां आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ी कटौती का फैसला ले सकती हैं।
निष्कर्ष: कच्चे तेल का 18% सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं दोनों के लिए शुभ संकेत है। हालांकि, रिटेल मार्केट में इसका सीधा फायदा कब से ट्रांसफर किया जाता है, यह तेल कंपनियों के अगले कदमों पर निर्भर करेगा।
